उनकी सही जन्म तिथि और स्थान ज्ञात नहीं हैं। उनका जन्म इमाम अली के जीवन में, ४० हिजरी से पहले हुआ होगा; माता की पहचान उम्म सईद और अलग-अलग उम्म वलद की रिपोर्टों के बीच विवादित है।
नफ़ीसा बिन्त अली
PER-000052
अहल अल-बैत
संभावित
दफ़न स्थान अज्ञात
इमामी स्रोत-आधारित सूची
⚙️ प्रिंट, साझा और अन्य विकल्प
नफ़ीसा बिन्त अली अलैहस्सलाम को इमाम अली इब्न अबी तालिब की उन पुत्रियों में गिना जाता है जिनकी स्वतंत्र जीवनी प्रारंभिक स्रोतों में बहुत कम सुरक्षित है। इब्न सअद और इब्न अल-जौज़ी नफ़ीसा तथा उम्म कुलसूम सुग़रा को अलग-अलग नामों में रखते हैं, जबकि मुसअब अल-ज़ुबैरी की नसब क़ुरैश उम्म कुलसूम सुग़रा का व्यक्तिगत नाम नफ़ीसा बताती है और उनके विवाह तथा संतान दर्ज करती है। इसलिए इस परिचय में नफ़ीसा को इमाम अली की अलग रूप से उल्लिखित संभावित पुत्री के रूप में रखा गया है और उम्म कुलसूम सुग़रा से समानता को निश्चित पहचान के बजाय वंशावली की एक विवादित वैकल्पिक परंपरा माना गया है। इसी कारण माता की पहचान और वैवाहिक संबंध अपर्याप्त प्रमाण के कारण अनिर्णीत रहते हैं।
भरोसेमंद प्रारंभिक स्रोत उनकी मृत्यु का वर्ष, आयु या परिस्थितियाँ सुरक्षित नहीं रखते, इसलिए कोई निश्चित तिथि नहीं दी गई।
उनका प्रमाणित दफ़न स्थान अज्ञात है। किसी विशेष क़ब्र या मज़ार को उनकी स्थापित दफ़नगाह नहीं माना जा सकता और इस फ़ाइल में कोई मज़ार या स्थान संबंध नहीं है।
जीवनी और ऐतिहासिक परिचय
नफ़ीसा बिन्त अली अलैहस्सलाम का नाम प्रारंभिक जीवनी और वंश-सूचियों में इमाम अली इब्न अबी तालिब की पुत्री के रूप में सुरक्षित है। इब्न सअद उन्हें अली की पुत्रियों में अलग नाम से गिनते हैं और इब्न अल-जौज़ी भी उनकी संतान सूची में नफ़ीसा का नाम देते हैं। उन्हें मिस्र में दफ़्न प्रसिद्ध सैय्यदा नफ़ीसा बिन्त अल-हसन अल-अनवर से नहीं मिलाना चाहिए; वे बाद की पीढ़ी और अलग वंश-शाखा की महिला थीं।
स्रोत उनकी माता पर सहमत नहीं हैं। इब्न सअद नफ़ीसा को उन पुत्रियों में रखते हैं जिनकी माताएँ अलग-अलग उम्म वलद थीं, जबकि इब्न शहरआशूब उन्हें उम्म सईद बिन्त उरवा अल-सक़फ़िय्या की पुत्रियों में गिनते हैं। इस टकराव के कारण किसी एक मातृ नाम को निश्चित नहीं बनाया जा सकता। उनका जन्म अली की ४० हिजरी में मृत्यु से पहले हुआ होगा, लेकिन सही वर्ष, स्थान और बचपन सुरक्षित नहीं है।
मुसअब अल-ज़ुबैरी की नसब क़ुरैश एक महत्वपूर्ण लेकिन विवादित पहचान देती है कि उम्म कुलसूम सुग़रा का व्यक्तिगत नाम नफ़ीसा था। इसके अनुसार उनका पहला विवाह अब्दुल्लाह अल-अकबर इब्न अक़ील इब्न अबी तालिब से हुआ और उम्म अक़ील जन्मीं; फिर कसीर इब्न अल-अब्बास इब्न अब्दुल मुत्तलिब से विवाह और पुत्र हसन, तथा बाद में तमाम इब्न अल-अब्बास से विवाह और नफ़ीसा नाम की पुत्री का उल्लेख है। यह व्यवस्थित वंश-विवरण महत्वपूर्ण है, पर इब्न सअद की अलग सूची इसे सर्वसम्मत तथ्य बनने से रोकती है।
उनके नाम से कोई स्वतंत्र पुस्तक, औपचारिक विद्वत पद या बड़ा प्रमाणित हदीस-संग्रह सुरक्षित नहीं है। उनका ऐतिहासिक महत्व मुख्यतः पारिवारिक और वंश-इतिहास में है, जहाँ नसब क़ुरैश में वर्णित विवाह अलवी घराने को बनी हाशिम की अक़ीली और अब्बासी शाखाओं से जोड़ते हैं। यदि यह पहचान सही है तो उनकी संतान ने कई हाशिमी परिवारों के बीच संबंध आगे बढ़ाए।
कुछ बाद की इंटरनेट और स्थानीय रचनाएँ नफ़ीसा बिन्त अली की कर्बला में उपस्थिति या उन्हें ताबिई और राविया बताती हैं, लेकिन उपलब्ध प्रारंभिक प्रमाण इन दावों को स्थापित जीवनी बनाने के लिए पर्याप्त स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए यह परिचय उनकी कर्बला उपस्थिति, क़ैद, निश्चित हदीस कार्य या धार्मिक करामात का दावा नहीं करता और नफ़ीसा बिन्त अल-हसन की कथाओं को उनसे अलग रखता है।
भरोसेमंद प्रारंभिक स्रोत उनकी मृत्यु का वर्ष, आयु, जनाज़ा या दफ़न स्थान निश्चित नहीं करते। किसी नगर, क़ब्र या मज़ार को उनकी प्रमाणित दफ़नगाह नहीं कहा जा सकता और उपलब्ध स्रोत सामग्री में कोई मज़ार या स्थान संबंध भी नहीं है। उनकी सुरक्षित ऐतिहासिक पहचान अली की पुत्री होना है; उम्म कुलसूम सुग़रा, माता और विवाहों के विवाद को स्पष्ट रखना ही उत्तरदायी प्रस्तुति है।
स्रोत उनकी माता पर सहमत नहीं हैं। इब्न सअद नफ़ीसा को उन पुत्रियों में रखते हैं जिनकी माताएँ अलग-अलग उम्म वलद थीं, जबकि इब्न शहरआशूब उन्हें उम्म सईद बिन्त उरवा अल-सक़फ़िय्या की पुत्रियों में गिनते हैं। इस टकराव के कारण किसी एक मातृ नाम को निश्चित नहीं बनाया जा सकता। उनका जन्म अली की ४० हिजरी में मृत्यु से पहले हुआ होगा, लेकिन सही वर्ष, स्थान और बचपन सुरक्षित नहीं है।
मुसअब अल-ज़ुबैरी की नसब क़ुरैश एक महत्वपूर्ण लेकिन विवादित पहचान देती है कि उम्म कुलसूम सुग़रा का व्यक्तिगत नाम नफ़ीसा था। इसके अनुसार उनका पहला विवाह अब्दुल्लाह अल-अकबर इब्न अक़ील इब्न अबी तालिब से हुआ और उम्म अक़ील जन्मीं; फिर कसीर इब्न अल-अब्बास इब्न अब्दुल मुत्तलिब से विवाह और पुत्र हसन, तथा बाद में तमाम इब्न अल-अब्बास से विवाह और नफ़ीसा नाम की पुत्री का उल्लेख है। यह व्यवस्थित वंश-विवरण महत्वपूर्ण है, पर इब्न सअद की अलग सूची इसे सर्वसम्मत तथ्य बनने से रोकती है।
उनके नाम से कोई स्वतंत्र पुस्तक, औपचारिक विद्वत पद या बड़ा प्रमाणित हदीस-संग्रह सुरक्षित नहीं है। उनका ऐतिहासिक महत्व मुख्यतः पारिवारिक और वंश-इतिहास में है, जहाँ नसब क़ुरैश में वर्णित विवाह अलवी घराने को बनी हाशिम की अक़ीली और अब्बासी शाखाओं से जोड़ते हैं। यदि यह पहचान सही है तो उनकी संतान ने कई हाशिमी परिवारों के बीच संबंध आगे बढ़ाए।
कुछ बाद की इंटरनेट और स्थानीय रचनाएँ नफ़ीसा बिन्त अली की कर्बला में उपस्थिति या उन्हें ताबिई और राविया बताती हैं, लेकिन उपलब्ध प्रारंभिक प्रमाण इन दावों को स्थापित जीवनी बनाने के लिए पर्याप्त स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए यह परिचय उनकी कर्बला उपस्थिति, क़ैद, निश्चित हदीस कार्य या धार्मिक करामात का दावा नहीं करता और नफ़ीसा बिन्त अल-हसन की कथाओं को उनसे अलग रखता है।
भरोसेमंद प्रारंभिक स्रोत उनकी मृत्यु का वर्ष, आयु, जनाज़ा या दफ़न स्थान निश्चित नहीं करते। किसी नगर, क़ब्र या मज़ार को उनकी प्रमाणित दफ़नगाह नहीं कहा जा सकता और उपलब्ध स्रोत सामग्री में कोई मज़ार या स्थान संबंध भी नहीं है। उनकी सुरक्षित ऐतिहासिक पहचान अली की पुत्री होना है; उम्म कुलसूम सुग़रा, माता और विवाहों के विवाद को स्पष्ट रखना ही उत्तरदायी प्रस्तुति है।
ऐतिहासिक महत्व और विरासत
नफ़ीसा बिन्त अली का पहला महत्व अली के बड़े परिवार के ऐतिहासिक अभिलेख में उनकी उपस्थिति है। उनका संक्षिप्त वर्णन दिखाता है कि प्रसिद्ध व्यक्तियों से बाहर कई पुत्रियों का जीवन मुख्यतः वंश और पारिवारिक सूचियों में सुरक्षित रहा।
उनकी पहचान स्रोत-समीक्षा का स्पष्ट उदाहरण है। इब्न सअद नफ़ीसा और उम्म कुलसूम सुग़रा को अलग रखते हैं, जबकि नसब क़ुरैश दोनों को एक महिला बताती और विस्तृत विवाह क्रम देती है। दोनों गवाहियों को सुरक्षित रखना किसी एक बाद के मेल को कृत्रिम निश्चितता बनाने से बेहतर है।
यदि नसब क़ुरैश का विवरण सही है तो उनके विवाहों ने अलवी घराने को अक़ीली और अब्बासी शाखाओं से जोड़ा। इस वंशगत महत्व को स्वीकार करते हुए माता, कर्बला, मृत्यु और दफ़न के अप्रमाणित दावों से बचना सम्मान और ऐतिहासिक ईमानदारी दोनों को सुरक्षित रखता है।
उनकी पहचान स्रोत-समीक्षा का स्पष्ट उदाहरण है। इब्न सअद नफ़ीसा और उम्म कुलसूम सुग़रा को अलग रखते हैं, जबकि नसब क़ुरैश दोनों को एक महिला बताती और विस्तृत विवाह क्रम देती है। दोनों गवाहियों को सुरक्षित रखना किसी एक बाद के मेल को कृत्रिम निश्चितता बनाने से बेहतर है।
यदि नसब क़ुरैश का विवरण सही है तो उनके विवाहों ने अलवी घराने को अक़ीली और अब्बासी शाखाओं से जोड़ा। इस वंशगत महत्व को स्वीकार करते हुए माता, कर्बला, मृत्यु और दफ़न के अप्रमाणित दावों से बचना सम्मान और ऐतिहासिक ईमानदारी दोनों को सुरक्षित रखता है।
पारिवारिक संबंध
👪 माता-पिता
पिता
इमाम अली इब्न अबी तालिब
संभावित
स्रोत
अल-तबक़ात अल-कुबरा | इब्न सअद | खंड तीन, पृष्ठ २० | https://lib.eshia.ir/40238/3/20 | नफ़ीसा को अली की पुत्रियों में अलग गिनना, उम्म कुलसूम सुग़रा से पृथक सूची और अलग उम्म वलद माताओं का सारमनाक़िब आल अबी तालिब | इब्न शहरआशूब | खंड तीन, पृष्ठ ८९ | https://lib.eshia.ir/16066/3/89 | नफ़ीसा को उम्म सईद बिन्त उरवा की पुत्रियों में रखने वाली भिन्न मातृ रिपोर्ट
नसब क़ुरैश | मुसअब इब्न अब्दुल्लाह अल-ज़ुबैरी | खंड एक, पृष्ठ ४५ | https://islamport.com/l/nsb/5091/43.htm | उम्म कुलसूम सुग़रा का नाम नफ़ीसा, अब्दुल्लाह अल-अकबर इब्न अक़ील, कसीर इब्न अल-अब्बास और तमाम इब्न अल-अब्बास से विवाह तथा संतान
तलकीह फ़ुहूम अहल अल-असर | इब्न अल-जौज़ी | खंड एक, पृष्ठ ८० | https://ar.lib.eshia.ir/40094/1/80 | अली की पुत्रियों की शास्त्रीय सूची में नफ़ीसा का समावेश
बिहार अल-अनवार | मुहम्मद बाक़िर अल-मजलिसी | खंड बयालीस, पृष्ठ ९३ | https://lib.eshia.ir/11008/42/93 | अब्दुल्लाह अल-अकबर इब्न अक़ील से नफ़ीसा के विवाह की बाद की इमामी संकलित रिपोर्ट
चित्र दीर्घा
अभी कोई स्वीकृत तस्वीर उपलब्ध नहीं है।
📤 इस व्यक्ति या स्थान की तस्वीर भेजें
स्वीकृति से पहले तस्वीर सार्वजनिक नहीं होगी।
💬 आगंतुक टिप्पणियाँ
अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं; पहली टिप्पणी आप करें।
टिप्पणी प्रशासनिक स्वीकृति के बाद प्रकाशित होगी।