फ़ातिमा (पहली सूचीबद्ध) बिन्त हसन मुजतबा

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हमनाम संतानों को गलती से एक ही व्यक्ति मान लेने से बचाने के लिए नाम के साथ स्रोत-क्रम का स्पष्टीकरण अस्थायी रूप से जोड़ा गया है; यह कोई ऐतिहासिक उपाधि नहीं है।
PER-000076 अहल अल-बैत संभावित दफ़न स्थान अज्ञात इमामी स्रोत-आधारित सूची
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फ़ातिमा, इमाम हसन अल-मुजतबा और उम्म इसहाक़ बिन्त तल्हा की पुत्री थीं। शैख़ अल-मुफ़ीद की संतान-सूची उन्हें हुसैन अल-अथरम और तल्हा की सगी बहन बताती है और उम्म अब्दुल्लाह तथा फ़ातिमा नाम की एक अन्य पुत्री से अलग रखती है; उपलब्ध आरंभिक सामग्री उनके विवाह, संतान या जीवन के अन्य विवरण सिद्ध नहीं करती।
जन्म

देखे गए विश्वसनीय वंशावली स्रोतों में उनके जन्म की तिथि और स्थान सुरक्षित नहीं हैं।

निधन

देखे गए विश्वसनीय स्रोतों से उनकी मृत्यु की तिथि, स्थान और कारण ज्ञात नहीं हैं।

दफ़न या संबद्ध स्थान

उनका दफ़न-स्थान अज्ञात है; किसी कब्र या मज़ार की पहचान विश्वसनीय ऐतिहासिक प्रमाण से स्थापित नहीं है।

जीवनी और ऐतिहासिक परिचय

फ़ातिमा, इमाम हसन अल-मुजतबा और उम्म इसहाक़ बिन्त तल्हा की पुत्री थीं। अल-इरशाद में उनका नाम हुसैन बिन हसन, जिन्हें अल-अथरम कहा जाता था, और तल्हा बिन हसन के साथ आता है, और स्पष्ट किया गया है कि तीनों की माता उम्म इसहाक़ थीं। माता के आधार पर यह स्पष्ट समूह इस हमनाम व्यक्तित्व की स्थिर पहचान है।

उसी सूची में उम्म अब्दुल्लाह, एक दूसरी फ़ातिमा, उम्म सलमा और रुक़य्या को अलग-अलग तथा भिन्न माताओं की पुत्रियाँ बताया गया है। कुछ बाद के विवरणों ने उम्म इसहाक़ की पुत्री फ़ातिमा को उम्म अब्दुल्लाह, इमाम मुहम्मद अल-बाक़िर की माता, के साथ मिला दिया, लेकिन सीधी आरंभिक सूची इस मेल का समर्थन नहीं करती। इसलिए यह अभिलेख उम्म अब्दुल्लाह से अलग रखा गया है।

देखे गए विश्वसनीय वंशावली स्रोत इस फ़ातिमा के जन्म, शिक्षा, विवाह, संतान, मृत्यु या दफ़न के बारे में भरोसेमंद विवरण सुरक्षित नहीं रखते। इसी कारण उनसे किसी पति, संतान, कुनियत, उपाधि, चमत्कार-कथा या कब्र को नहीं जोड़ा गया है। उनका सुरक्षित परिचय इतना ही है कि वे इमाम हसन अल-मुजतबा और उम्म इसहाक़ की पुत्री तथा हुसैन अल-अथरम और तल्हा की बहन थीं।

ऐतिहासिक महत्व और विरासत

उनका ऐतिहासिक महत्व मुख्यतः हसनी परिवार की सही वंशावली व्यवस्था में है। उनकी अलग प्रविष्टि दिखाती है कि इमाम हसन की पुत्रियों में फ़ातिमा नाम की एक से अधिक महिलाएँ थीं और उम्म अब्दुल्लाह भी अलग व्यक्तित्व थीं; इसलिए केवल समान नाम के कारण जीवनियों और संबंधों को मिलाना सुरक्षित नहीं है।

यह सीमित लेकिन स्पष्ट उदाहरण बताता है कि वंशावली अनुसंधान में माता की पहचान, भाई-बहन के समूह और आरंभिक सूचियों की संरचना को सुरक्षित रखना क्यों आवश्यक है। जहाँ आरंभिक स्रोत मौन हों, वहाँ बाद की लोकप्रिय पहचान से रिक्त स्थान भरने के बजाय अनिश्चितता को स्पष्ट रूप से बनाए रखना अधिक विश्वसनीय है।

पारिवारिक संबंध

स्रोत

Kitab al-Irshad | al-Shaykh al-Mufid | p. 20, chapter listing the children of al-Hasan | https://ablibrary.net/book_content/2876/20 | Identifies Fatima as daughter of Umm Ishaq and full sister of al-Husayn al-Athram and Talha; separately lists Umm Abd Allah and another Fatima
Kashf al-Ghumma fi Ma'rifat al-A'imma | Ali ibn Isa al-Irbili | vol. 2, p. 199 | https://lib.eshia.ir/16052/2/199 | Preserves the same child-list structure and maternal distinction
Masalik al-Absar fi Mamalik al-Amsar | Ibn Fadl Allah al-Umari | vol. 23, p. 492 | https://shamela.ws/book/30189/7963 | Later cross-check preserving Fatima daughter of Umm Ishaq separately from Umm Abd Allah and another Fatima
Al-Muhabbar | Muhammad ibn Habib al-Baghdadi | p. 57 | https://shamela.ws/book/12205/57 | Identifies Ali ibn al-Husayn's wife as Umm Abd Allah bint al-Hasan, supporting the need not to transfer that marriage automatically to this separate Fatima record

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