उनका जन्म-वर्ष और जन्मस्थान सुरक्षित नहीं है। उनकी माता परिवार की अनाम दास माताओं में से एक थीं।
अब्बास बिन जाफ़र सादिक़
PER-000115
अहल अल-बैत
संभावित
दफ़न स्थान अज्ञात
इमामी स्रोत-आधारित सूची
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अब्बास इब्न इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम अहल अल-बैत के सीमित विवरण वाले व्यक्तियों में हैं। शैख़ मुफ़ीद उन्हें इमाम जाफ़र सादिक़ के पुत्रों में गिनते और सद्गुणी तथा सम्मानित बताते हैं, जबकि वंश-स्रोत उनकी माता को अनाम उम्म वलद कहते और उनकी कोई वंश-संतति सिद्ध नहीं करते। उनके जन्म, मृत्यु, विवाह और दफ़न की विश्वसनीय बातें सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए प्रोफ़ाइल इसी सीमित लेकिन मजबूत प्रमाण तक रखी गई है।
उनकी मृत्यु की तिथि, स्थान और परिस्थितियाँ विश्वसनीय प्रारंभिक स्रोतों में सुरक्षित नहीं हैं।
उनकी ऐतिहासिक रूप से सत्यापित दफ़नगाह अज्ञात है और किसी स्वतंत्र क़ब्र या मज़ार की विश्वसनीय संबद्धता सिद्ध नहीं है।
जीवनी और ऐतिहासिक परिचय
अब्बास इमाम जाफ़र सादिक़ इब्न इमाम मुहम्मद बाक़िर अलैहिमस्सलाम के पुत्र और हुसैनी हाशिमी परिवार के सदस्य थे। शैख़ मुफ़ीद की संतान-सूची अब्बास, अली, असमा और फ़ातिमा को अलग अनाम दास माताओं से जन्मी संतान में रखती है। इसलिए उनकी माता का निजी नाम अज्ञात है और उन्हें किसी प्रसिद्ध पत्नी से जोड़ना या माता का काल्पनिक अभिलेख बनाना उचित नहीं। उन्हें अब्बासी काल के समान नाम वाले अब्बास इब्न जाफ़र इब्न मुहम्मद इब्न अल-अशअस से भी अलग रखना चाहिए।
शैख़ मुफ़ीद ने संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट शब्दों में उन्हें सद्गुणी और सम्मानित कहा है। यही उनकी व्यक्तिगत विशेषता पर सुरक्षित सबसे महत्त्वपूर्ण प्रारंभिक कथन है। इससे नैतिक गुण, गरिमा और पारिवारिक स्थान का अर्थ लिया जा सकता है, लेकिन इसे औपचारिक विद्वत् पद, स्वतंत्र हदीस-संग्रह, राजनीतिक पद या विद्रोह का प्रमाण नहीं बनाया गया, क्योंकि ऐसे कार्यों का अलग विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला।
अलवी वंश-विशेषज्ञ अबू नस्र अल-बुख़ारी ने सिर्र अल-सिलसिला अल-अलविय्या में लिखा कि अब्बास इब्न जाफ़र इब्न मुहम्मद के न पुत्र था और न पुत्री, और इसे वंश-विशेषज्ञों की सहमति बताया। बाद के स्रोत-आधारित सार भी उनकी स्थापित वंश-रेखा नहीं पाते। इसलिए कोई संतान-संबंध नहीं जोड़ा गया। फिर भी संतान न होना विवाह न होने का प्रमाण नहीं है, इसलिए बिना प्रमाण पत्नी का नाम भी दर्ज नहीं किया गया।
किसी मजबूत प्रारंभिक स्रोत में उनके जन्म या मृत्यु का वर्ष और स्थान सुरक्षित नहीं है। कुछ बाद की रचनाएँ पारिवारिक वातावरण के कारण मदीना की संभावना रखती हैं, लेकिन यह स्थापित तिथि या स्थान नहीं। उनकी कोई ऐतिहासिक रूप से पहचानी क़ब्र या स्वतंत्र विश्वसनीय मज़ार भी ज्ञात नहीं है। सावधान निष्कर्ष यह है कि वे इमाम जाफ़र सादिक़ के सद्गुणी और सम्मानित पुत्र थे, लेकिन उनकी व्यक्तिगत जीवनी बहुत सीमित और दफ़नगाह अज्ञात है।
शैख़ मुफ़ीद ने संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट शब्दों में उन्हें सद्गुणी और सम्मानित कहा है। यही उनकी व्यक्तिगत विशेषता पर सुरक्षित सबसे महत्त्वपूर्ण प्रारंभिक कथन है। इससे नैतिक गुण, गरिमा और पारिवारिक स्थान का अर्थ लिया जा सकता है, लेकिन इसे औपचारिक विद्वत् पद, स्वतंत्र हदीस-संग्रह, राजनीतिक पद या विद्रोह का प्रमाण नहीं बनाया गया, क्योंकि ऐसे कार्यों का अलग विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला।
अलवी वंश-विशेषज्ञ अबू नस्र अल-बुख़ारी ने सिर्र अल-सिलसिला अल-अलविय्या में लिखा कि अब्बास इब्न जाफ़र इब्न मुहम्मद के न पुत्र था और न पुत्री, और इसे वंश-विशेषज्ञों की सहमति बताया। बाद के स्रोत-आधारित सार भी उनकी स्थापित वंश-रेखा नहीं पाते। इसलिए कोई संतान-संबंध नहीं जोड़ा गया। फिर भी संतान न होना विवाह न होने का प्रमाण नहीं है, इसलिए बिना प्रमाण पत्नी का नाम भी दर्ज नहीं किया गया।
किसी मजबूत प्रारंभिक स्रोत में उनके जन्म या मृत्यु का वर्ष और स्थान सुरक्षित नहीं है। कुछ बाद की रचनाएँ पारिवारिक वातावरण के कारण मदीना की संभावना रखती हैं, लेकिन यह स्थापित तिथि या स्थान नहीं। उनकी कोई ऐतिहासिक रूप से पहचानी क़ब्र या स्वतंत्र विश्वसनीय मज़ार भी ज्ञात नहीं है। सावधान निष्कर्ष यह है कि वे इमाम जाफ़र सादिक़ के सद्गुणी और सम्मानित पुत्र थे, लेकिन उनकी व्यक्तिगत जीवनी बहुत सीमित और दफ़नगाह अज्ञात है।
ऐतिहासिक महत्व और विरासत
अब्बास का ऐतिहासिक महत्त्व इमाम जाफ़र सादिक़ की संतान और परिवार की पूरी तस्वीर सुरक्षित रखने में है। उनका संक्षिप्त उल्लेख दिखाता है कि अहल अल-बैत का पारिवारिक इतिहास केवल प्रसिद्ध इमामों, राजनीतिक व्यक्तियों और अधिक रिवायत करने वालों तक सीमित नहीं, बल्कि उन लोगों को भी शामिल करता है जिनके बारे में प्रारंभिक स्रोतों ने केवल कुछ विश्वसनीय बातें सुरक्षित रखीं।
उनकी प्रोफ़ाइल स्रोत-अनुशासन और समान नाम वाले व्यक्तियों की सही पहचान का उदाहरण भी है। प्रारंभिक प्रशंसा सम्मान से रखी गई, लेकिन उसे अप्रमाणित विद्वत् या राजनीतिक उपलब्धियों में नहीं बदला गया; संतान न होने को विवाह न होने का प्रमाण नहीं बनाया गया; और दफ़न पर मौन को बाद की मज़ार-संबद्धता से नहीं भरा गया। यह सीमित लेकिन मजबूत तरीका उनकी पहचान को सही और विश्वसनीय रखता है।
उनकी प्रोफ़ाइल स्रोत-अनुशासन और समान नाम वाले व्यक्तियों की सही पहचान का उदाहरण भी है। प्रारंभिक प्रशंसा सम्मान से रखी गई, लेकिन उसे अप्रमाणित विद्वत् या राजनीतिक उपलब्धियों में नहीं बदला गया; संतान न होने को विवाह न होने का प्रमाण नहीं बनाया गया; और दफ़न पर मौन को बाद की मज़ार-संबद्धता से नहीं भरा गया। यह सीमित लेकिन मजबूत तरीका उनकी पहचान को सही और विश्वसनीय रखता है।
पारिवारिक संबंध
👪 माता-पिता
पिता
इमाम जाफ़र सादिक़
संभावित
स्रोत
Kitab al-Irshad | Shaykh Muhammad ibn Muhammad al-Mufid | Volume 2, chapter on the children of Imam Jafar al-Sadiq; pagination varies by edition | https://www.masaha.org/book/view/1843 | Child-list identity, unnamed slave mothers, and the early description of al-Abbas as virtuous and nobleSirr al-Silsila al-Alawiyya | Abu Nasr Sahl ibn Abdullah al-Bukhari | Page 50 in the cited edition | https://hz.turathalanbiaa.com/public/2299.pdf | Genealogical statement that al-Abbas ibn Jafar ibn Muhammad had neither son nor daughter
Awlad al-Imam Muhammad al-Baqir | Husayn al-Zarbati | Page 108 with source-indexed references to al-Irshad, al-Majdi and other genealogical works | https://ablibrary.net/book_content/1673/108 | Later source-indexed confirmation of the brief praise and absence of an established line of descendants
चित्र दीर्घा
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