जन्म की तिथि और स्थान निश्चित नहीं हैं। ६१ हिजरी में करबला के समय उन्हें कम आयु का माना गया, लेकिन सही आयु सिद्ध नहीं है।
उमर बिन हसन मुजतबा
PER-000070
अहल अल-बैत
संभावित
दफ़न स्थान अज्ञात
इमामी स्रोत-आधारित सूची
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उमर इब्न हसन मुजतबा अलैहिस्सलाम, जिनका नाम कई प्राचीन और इमामी स्रोतों में अम्र भी आया है, इमाम हसन इब्न अली अलैहिस्सलाम के पुत्र थे। उनकी माता का व्यक्तिगत नाम भरोसेमंद रूप से सुरक्षित नहीं है और पुराने विवरण उन्हें एक अनाम दासी-माता का पुत्र बताते हैं। तबरी और अबू अल-फ़रज अल-इस्फ़हानी उन्हें ६१ हिजरी में करबला से जीवित बचे कम आयु के अह्ल अल-बैत सदस्यों में रखते हैं जिन्हें बंदी परिवार के साथ ले जाया गया, हालाँकि कुछ बाद की पुस्तकें उन्हें शहीद गिनती हैं। वंशावली स्रोत उन्हें धर्मपरायण बताते और मुहम्मद तथा उम्म सलमा सहित संतानों का उल्लेख करते हैं। जन्म, मृत्यु और दफ़न की निश्चित जानकारी नहीं है।
मृत्यु की तिथि और परिस्थितियाँ निश्चित नहीं हैं। अधिक मजबूत पुराना विवरण उन्हें करबला से जीवित बचा बताता है; बाद की शहादत रिवायतें संबद्ध मतभेद हैं।
समीक्षित विश्वसनीय स्रोतों में दफ़न स्थान अज्ञात है। आधुनिक क़ब्र, मज़ार, अल-बक़ी संबंध या मानचित्र निर्देशांक का दावा नहीं किया गया।
जीवनी और ऐतिहासिक परिचय
उमर इब्न हसन इमाम हसन मुजतबा अलैहिस्सलाम के पुत्र और इमाम अली तथा फ़ातिमा ज़हरा अलैहिमस्सलाम के पौत्र थे। स्रोत उनका नाम उमर और अम्र दोनों रूपों में देते हैं। शैख़ मुफ़ीद अम्र लिखते हैं और उन्हें क़ासिम तथा अब्दुल्लाह के साथ एक अनाम दासी-माता के पुत्रों में रखते हैं, जबकि अन्य इतिहासकार और वंश लेखक उमर लिखते हैं। इसलिए रजिस्ट्री का नाम उमर रखा गया और अम्र को प्रमाणित वैकल्पिक नाम बनाया गया।
जन्म की भरोसेमंद तिथि सुरक्षित नहीं है। करबला की रिवायतें बताती हैं कि ६१ हिजरी में वे अभी कम आयु के थे। तबरी के अनुसार उन्हें छोटा समझकर नहीं मारा गया और उसी स्थान पर उनकी माता को केवल दासी-माता कहा गया है। यह पुराना विवरण बाद की आयु गणनाओं से अधिक मजबूत है, इसलिए निश्चित जन्म-वर्ष या आयु नहीं दी गई।
उमर इब्न हसन करबला के संकट में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के परिवार के साथ थे। तबरी उन्हें स्पष्ट रूप से कम आयु के कारण छोड़े गए लोगों में गिनते हैं। अबू अल-फ़रज अल-इस्फ़हानी उमर, ज़ैद और हसन को इमाम हसन के उन पुत्रों में लिखते हैं जिन्हें हत्याओं के बाद बंदी परिवार के साथ ले जाया गया। ये विवरण उनकी उपस्थिति और जीवित रहने को उन बाद की सूचियों से अधिक मजबूती देते हैं जो समान नाम वाले पुत्र को शहीद बताती हैं।
कुछ इमामी संकलन और बाद की मक़तल पुस्तकें अम्र या उमर इब्न हसन को करबला में अपने चाचा के सामने शहीद बताती हैं। यह मतभेद नाम की अलग वर्तनी, पारिवारिक सूचियों के संक्षेप या इमाम हसन के पुत्रों के बारे में बाद के सामंजस्य से पैदा हुआ हो सकता है। चूँकि तबरी और «मक़ातिल अत-तालिबिय्यीन» जीवित रहने और बंदी बनाए जाने का संगत क्रम देते हैं, इस परिचय में उसे प्राथमिकता दी गई और शहादत के मत को बाद की संबद्ध रिवायत के रूप में रखा गया।
वंशावली ग्रंथ उनके सार्वजनिक कार्य से अधिक परिवार की जानकारी सुरक्षित करते हैं। «नसब क़ुरैश» और «लुबाब अल-अंसाब» मुहम्मद नाम के पुत्र को बताते हैं जिनकी माता रमला बिन्त अक़ील इब्न अबी तालिब थीं, और उम्म सलमा नाम की पुत्री का भी उल्लेख करते हैं; «नसब क़ुरैश» एक अनाम दासी-माता से दूसरी संतानों का उल्लेख करती है। यही परंपरा उमर को धर्मपरायण और नेक व्यक्ति बताती है। क्योंकि समीक्षा किए गए वाक्य रमला को मुहम्मद की माता कहते हैं लेकिन विवाह को स्पष्ट नहीं लिखते, खाली सुरक्षित जीवनसाथी क्षेत्रों को अनुमान से नहीं भरा गया।
उमर इब्न हसन की मृत्यु की तिथि, परिस्थितियाँ और स्थान भरोसेमंद रूप से सुरक्षित नहीं हैं और किसी प्रमाणित क़ब्र की पहचान नहीं हुई। उनका ऐतिहासिक परिचय तीन मजबूत बातों पर आधारित है: इमाम हसन से वंश, अधिक मजबूत पुराने विवरण के अनुसार करबला से जीवित रहना और बंदी बनाया जाना, तथा बाद की वंशावली सूचनाओं में उनकी धर्मपरायणता और संतान। अप्रमाणित भाषण, निश्चित आयु, करामत और आधुनिक क़ब्र के दावे नहीं जोड़े गए।
जन्म की भरोसेमंद तिथि सुरक्षित नहीं है। करबला की रिवायतें बताती हैं कि ६१ हिजरी में वे अभी कम आयु के थे। तबरी के अनुसार उन्हें छोटा समझकर नहीं मारा गया और उसी स्थान पर उनकी माता को केवल दासी-माता कहा गया है। यह पुराना विवरण बाद की आयु गणनाओं से अधिक मजबूत है, इसलिए निश्चित जन्म-वर्ष या आयु नहीं दी गई।
उमर इब्न हसन करबला के संकट में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के परिवार के साथ थे। तबरी उन्हें स्पष्ट रूप से कम आयु के कारण छोड़े गए लोगों में गिनते हैं। अबू अल-फ़रज अल-इस्फ़हानी उमर, ज़ैद और हसन को इमाम हसन के उन पुत्रों में लिखते हैं जिन्हें हत्याओं के बाद बंदी परिवार के साथ ले जाया गया। ये विवरण उनकी उपस्थिति और जीवित रहने को उन बाद की सूचियों से अधिक मजबूती देते हैं जो समान नाम वाले पुत्र को शहीद बताती हैं।
कुछ इमामी संकलन और बाद की मक़तल पुस्तकें अम्र या उमर इब्न हसन को करबला में अपने चाचा के सामने शहीद बताती हैं। यह मतभेद नाम की अलग वर्तनी, पारिवारिक सूचियों के संक्षेप या इमाम हसन के पुत्रों के बारे में बाद के सामंजस्य से पैदा हुआ हो सकता है। चूँकि तबरी और «मक़ातिल अत-तालिबिय्यीन» जीवित रहने और बंदी बनाए जाने का संगत क्रम देते हैं, इस परिचय में उसे प्राथमिकता दी गई और शहादत के मत को बाद की संबद्ध रिवायत के रूप में रखा गया।
वंशावली ग्रंथ उनके सार्वजनिक कार्य से अधिक परिवार की जानकारी सुरक्षित करते हैं। «नसब क़ुरैश» और «लुबाब अल-अंसाब» मुहम्मद नाम के पुत्र को बताते हैं जिनकी माता रमला बिन्त अक़ील इब्न अबी तालिब थीं, और उम्म सलमा नाम की पुत्री का भी उल्लेख करते हैं; «नसब क़ुरैश» एक अनाम दासी-माता से दूसरी संतानों का उल्लेख करती है। यही परंपरा उमर को धर्मपरायण और नेक व्यक्ति बताती है। क्योंकि समीक्षा किए गए वाक्य रमला को मुहम्मद की माता कहते हैं लेकिन विवाह को स्पष्ट नहीं लिखते, खाली सुरक्षित जीवनसाथी क्षेत्रों को अनुमान से नहीं भरा गया।
उमर इब्न हसन की मृत्यु की तिथि, परिस्थितियाँ और स्थान भरोसेमंद रूप से सुरक्षित नहीं हैं और किसी प्रमाणित क़ब्र की पहचान नहीं हुई। उनका ऐतिहासिक परिचय तीन मजबूत बातों पर आधारित है: इमाम हसन से वंश, अधिक मजबूत पुराने विवरण के अनुसार करबला से जीवित रहना और बंदी बनाया जाना, तथा बाद की वंशावली सूचनाओं में उनकी धर्मपरायणता और संतान। अप्रमाणित भाषण, निश्चित आयु, करामत और आधुनिक क़ब्र के दावे नहीं जोड़े गए।
ऐतिहासिक महत्व और विरासत
उमर इब्न हसन का महत्व नबवी परिवार की हसनी शाखा के कम आयु के जीवित बचे सदस्य के रूप में है। करबला के बाद उनकी उपस्थिति दिखाती है कि त्रासदी में केवल मैदान के शहीद ही नहीं, बल्कि वे बच्चे और रिश्तेदार भी शामिल थे जिन्हें ६१ हिजरी के बाद परिवार के साथ बंदी बनाकर ले जाया गया।
उनका परिचय स्रोत-समीक्षा का महत्वपूर्ण उदाहरण है। प्राचीन ऐतिहासिक सामग्री जीवित रहने और बंदी बनने का विवरण देती है, जबकि कुछ बाद की इमामी और मक़तल पुस्तकें उन्हें शहीद गिनती हैं। दोनों मतों को उनके स्रोत-भार के साथ रखना इनकार और कृत्रिम निश्चितता दोनों से बचाता है।
मुहम्मद, उम्म सलमा और उनकी ज्ञात वंश-रेखा के बाद समाप्त होने की वंशावली खबरें उमर को हसनी पारिवारिक इतिहास में स्थान देती हैं। साथ ही मृत्यु और दफ़न की विश्वसनीय जानकारी का अभाव बताता है कि अह्ल अल-बैत के सम्मान के लिए पूरी समयरेखा गढ़ना या अप्रमाणित आधुनिक मज़ार जोड़ना आवश्यक नहीं।
उनका परिचय स्रोत-समीक्षा का महत्वपूर्ण उदाहरण है। प्राचीन ऐतिहासिक सामग्री जीवित रहने और बंदी बनने का विवरण देती है, जबकि कुछ बाद की इमामी और मक़तल पुस्तकें उन्हें शहीद गिनती हैं। दोनों मतों को उनके स्रोत-भार के साथ रखना इनकार और कृत्रिम निश्चितता दोनों से बचाता है।
मुहम्मद, उम्म सलमा और उनकी ज्ञात वंश-रेखा के बाद समाप्त होने की वंशावली खबरें उमर को हसनी पारिवारिक इतिहास में स्थान देती हैं। साथ ही मृत्यु और दफ़न की विश्वसनीय जानकारी का अभाव बताता है कि अह्ल अल-बैत के सम्मान के लिए पूरी समयरेखा गढ़ना या अप्रमाणित आधुनिक मज़ार जोड़ना आवश्यक नहीं।
पारिवारिक संबंध
👪 माता-पिता
पिता
इमाम हसन मुजतबा
संभावित
🌱 संतान
स्रोत
Tarikh al-Tabari | Muhammad ibn Jarir al-Tabari | Events of 61 AH, Vol. 4, displayed p. 359 | https://lib.eshia.ir/22009/4/359 | Amr/Umar ibn Hasan was considered too young, was not killed, and his mother was an unnamed umm waladMaqatil al-Talibiyyin | Abu al-Faraj al-Isfahani | Vol. 1, displayed p. 79 | https://lib.eshia.ir/22033/1/79/ | Umar, Zayd and Hasan, sons of Hasan, carried with the captive household after Karbala
Kitab al-Irshad, child list of Imam Hasan | Shaykh al-Mufid | Vol. 2, p. 20 as quoted in later editions | https://ar.lib.eshia.ir/12378/2/69 | name variant Amr and maternal description as an unnamed umm walad
Nasab Quraysh | Musab ibn Abd Allah al-Zubayri | Hasanid descendants entry, displayed p. 50 | https://shamela.ws/book/2922/48 | children Muhammad, Amr and Umm Salama; Muhammad's mother Ramlah bint Aqil; piety and extinction of the known line
Lubab al-Ansab wa-l-Alqab wa-l-Aqab | Abu al-Hasan al-Bayhaqi | Vol. 1, displayed p. 28 | https://lib.eshia.ir/40513/1/28/ | children Muhammad and Umm Salama and description of Umar as devout and righteous
Tahdhib al-Tahdhib | Ibn Hajar al-Asqalani | Muhammad ibn Amr ibn Hasan entry, displayed p. 660 | https://shamela.ws/book/1293/1990 | confirms Muhammad ibn Amr and identifies his mother as Ramlah bint Aqil
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