जन्म की विश्वसनीय तारीख़ या जगह सुरक्षित नहीं है। वे सहाबी अबू मसऊद उक़्बा इब्न अम्र अल-अंसारी अल-ख़ज़रजी की पुत्री और पहली हिजरी सदी के मदीनी समाज की महिला थीं।
उम्मे बशीर ख़ज़रजिया
PER-000063
परिवार का सदस्य
संभावित
दफ़न स्थान अज्ञात
इमामी स्रोत-आधारित सूची
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उम्म बशीर अल-ख़ज़रजिय्या आरंभिक इस्लामी काल की अंसारी महिला, सहाबी अबू मसऊद उक़्बा इब्न अम्र अल-अंसारी अल-ख़ज़रजी की पुत्री और इमाम हसन मुजतबा अलैहिस्सलाम की पत्नी थीं। वंशावली और जीवनी स्रोत उन्हें इमाम हसन के पुत्र ज़ैद तथा पुत्रियों उम्म अल-हसन और उम्म अल-हुसैन की माता बताते हैं। विश्वसनीय विवरण यह भी बताते हैं कि इमाम हसन से पहले उनका विवाह सईद इब्न ज़ैद और बाद में अब्दुर्रहमान इब्न अब्दुल्लाह इब्न अबी रबीआ से हुआ। जन्म, मृत्यु या दफ़न पर स्वतंत्र विश्वसनीय विवरण नहीं मिलता, इसलिए यह परिचय समर्थित पारिवारिक संबंधों और स्रोतों की सीमाओं तक रहता है।
मृत्यु की विश्वसनीय तारीख़, जगह या परिस्थितियाँ सुरक्षित नहीं हैं।
दफ़न अज्ञात है। कोई विश्वसनीय स्वतंत्र स्रोत या सुरक्षित मुख्य रौज़ा और भौगोलिक संबंध उनकी क़ब्र सिद्ध नहीं करता।
जीवनी और ऐतिहासिक परिचय
उम्म बशीर की पहचान उनके पिता के संबंध से मज़बूती से सुरक्षित है। इब्न सअद ने ज़ैद इब्न हसन की जीवनी में उनका वंश उम्म बशीर बिन्त अबी मसऊद उक़्बा इब्न अम्र इब्न सअलबा अल-ख़ज़रजिय्या लिखा है। मिज़्ज़ी ने तहज़ीब अल-कमाल में भी ज़ैद की माता को उम्म बशीर बिन्त अबी मसऊद अल-अंसारी बताया। उनके पिता अबू मसऊद प्रसिद्ध अंसारी सहाबी थे; बद्री निस्बत मशहूर हुई, यद्यपि प्राचीन विद्वानों ने बद्र में उनकी वास्तविक भागीदारी पर मतभेद दर्ज किया।
इमाम हसन की संतान की सूची देते हुए शैख़ मुफ़ीद ने किताब अल-इरशाद में उम्म बशीर बिन्त अबी मसऊद उक़्बा इब्न अम्र इब्न सअलबा अल-ख़ज़रजिय्या को ज़ैद, उम्म अल-हसन और उम्म अल-हुसैन की माता बताया। इब्न सअद और ज़ुबैर इब्न बक्कार से प्राप्त वंशावली सामग्री भी ज़ैद के लिए यही मातृ-संबंध रखती है। इस प्रकार इमाम हसन से विवाह और इन तीन संतानों की माता होने को अलग परंपराओं के स्रोत समर्थन देते हैं।
उनके विवाहों का क्रम व्यापक पारिवारिक पृष्ठभूमि दिखाता है। इब्न हजर ने फ़त्ह अल-बारी में लिखा कि इमाम हसन से पहले वे सईद इब्न ज़ैद इब्न अम्र इब्न नुफ़ैल की पत्नी थीं, फिर इमाम हसन से विवाह हुआ और उनके बाद अब्दुर्रहमान इब्न अब्दुल्लाह इब्न अबी रबीआ अल-मख़ज़ूमी से विवाह किया। ये विवाह आरंभिक मदीनी परिवारों के संबंध दिखाते हैं, लेकिन वर्तमान सुरक्षित पति-सूची में केवल इमाम हसन दर्ज हैं।
उनके पुत्र ज़ैद इब्न हसन वंशावली और जीवनी ग्रंथों में प्रमुख हैं। उन्होंने अपने पिता और जाबिर इब्न अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु जैसे बुज़ुर्गों से रिवायत की, अहल अल-बैत के सम्मानित लोगों में गिने गए और पैग़म्बर के दान-निधियों के प्रबंधन से जुड़े रहे। उम्म अल-हसन और उम्म अल-हुसैन भी उनकी पुत्रियाँ बताई जाती हैं, यद्यपि दोनों महिलाओं की स्वतंत्र जीवनी सीमित है।
कुछ बाद के स्रोत उम्म बशीर का व्यक्तिगत नाम फ़ातिमा बताते हैं, लेकिन मूल प्राचीन सूचियाँ उन्हें अधिकतर कुनियत और पितृ-वंश से सुरक्षित रखती हैं। जन्म की तारीख़, शिक्षा, उनकी अपनी हदीस-रिवायत या मृत्यु की तारीख़ पर स्थिर स्वतंत्र सामग्री नहीं मिलती। ज़िम्मेदार शोध इन रिक्तियों को अनुमान या धार्मिक विस्तार से नहीं भरता।
उनकी अलग, विश्वसनीय और निश्चित रूप से पहचानी गई क़ब्र सिद्ध नहीं है। वर्तमान व्यक्ति-निर्यात में भी मुख्य रौज़ा या भौगोलिक संबंध नहीं है और इस रिक्तता को ऐतिहासिक दावा नहीं बनाया गया। उम्म बशीर का महत्व एक अंसारी सहाबी परिवार और अहल अल-बैत के हसनी घराने के बीच प्रमाणित पारिवारिक संबंध तथा उससे आगे चली वंश-परंपरा में है।
इमाम हसन की संतान की सूची देते हुए शैख़ मुफ़ीद ने किताब अल-इरशाद में उम्म बशीर बिन्त अबी मसऊद उक़्बा इब्न अम्र इब्न सअलबा अल-ख़ज़रजिय्या को ज़ैद, उम्म अल-हसन और उम्म अल-हुसैन की माता बताया। इब्न सअद और ज़ुबैर इब्न बक्कार से प्राप्त वंशावली सामग्री भी ज़ैद के लिए यही मातृ-संबंध रखती है। इस प्रकार इमाम हसन से विवाह और इन तीन संतानों की माता होने को अलग परंपराओं के स्रोत समर्थन देते हैं।
उनके विवाहों का क्रम व्यापक पारिवारिक पृष्ठभूमि दिखाता है। इब्न हजर ने फ़त्ह अल-बारी में लिखा कि इमाम हसन से पहले वे सईद इब्न ज़ैद इब्न अम्र इब्न नुफ़ैल की पत्नी थीं, फिर इमाम हसन से विवाह हुआ और उनके बाद अब्दुर्रहमान इब्न अब्दुल्लाह इब्न अबी रबीआ अल-मख़ज़ूमी से विवाह किया। ये विवाह आरंभिक मदीनी परिवारों के संबंध दिखाते हैं, लेकिन वर्तमान सुरक्षित पति-सूची में केवल इमाम हसन दर्ज हैं।
उनके पुत्र ज़ैद इब्न हसन वंशावली और जीवनी ग्रंथों में प्रमुख हैं। उन्होंने अपने पिता और जाबिर इब्न अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु जैसे बुज़ुर्गों से रिवायत की, अहल अल-बैत के सम्मानित लोगों में गिने गए और पैग़म्बर के दान-निधियों के प्रबंधन से जुड़े रहे। उम्म अल-हसन और उम्म अल-हुसैन भी उनकी पुत्रियाँ बताई जाती हैं, यद्यपि दोनों महिलाओं की स्वतंत्र जीवनी सीमित है।
कुछ बाद के स्रोत उम्म बशीर का व्यक्तिगत नाम फ़ातिमा बताते हैं, लेकिन मूल प्राचीन सूचियाँ उन्हें अधिकतर कुनियत और पितृ-वंश से सुरक्षित रखती हैं। जन्म की तारीख़, शिक्षा, उनकी अपनी हदीस-रिवायत या मृत्यु की तारीख़ पर स्थिर स्वतंत्र सामग्री नहीं मिलती। ज़िम्मेदार शोध इन रिक्तियों को अनुमान या धार्मिक विस्तार से नहीं भरता।
उनकी अलग, विश्वसनीय और निश्चित रूप से पहचानी गई क़ब्र सिद्ध नहीं है। वर्तमान व्यक्ति-निर्यात में भी मुख्य रौज़ा या भौगोलिक संबंध नहीं है और इस रिक्तता को ऐतिहासिक दावा नहीं बनाया गया। उम्म बशीर का महत्व एक अंसारी सहाबी परिवार और अहल अल-बैत के हसनी घराने के बीच प्रमाणित पारिवारिक संबंध तथा उससे आगे चली वंश-परंपरा में है।
ऐतिहासिक महत्व और विरासत
उम्म बशीर की जीवनी अंसार और अहल अल-बैत के बीच वास्तविक पारिवारिक संबंध सुरक्षित रखती है। सहाबी अबू मसऊद अल-अंसारी की पुत्री का इमाम हसन मुजतबा से विवाह आरंभिक मदीना के प्रमुख परिवारों के संबंधों का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उनके पुत्र ज़ैद इब्न हसन और पुत्रियाँ उम्म अल-हसन तथा उम्म अल-हुसैन हसनी परिवार के वंशावली इतिहास में महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ज़ैद के माध्यम से उनकी मातृ-रेखा बाद के हसनी वंशजों, हदीस रिवायत और सामुदायिक सेवा से जुड़ती है।
यह परिचय इस बात के लिए भी महत्वपूर्ण है कि कम उपलब्ध महिला-जीवनी को असमर्थित विवरणों से न भरा जाए। पिता, इमाम हसन से विवाह और संतान मज़बूत स्रोतों से स्पष्ट हैं, लेकिन व्यक्तिगत नाम, जन्म, मृत्यु और क़ब्र पर सावधानी आवश्यक है तथा पूर्ण पति-क्रम के लिए अलग स्रोत-आधारित जाँच आवश्यक है।
उनके पुत्र ज़ैद इब्न हसन और पुत्रियाँ उम्म अल-हसन तथा उम्म अल-हुसैन हसनी परिवार के वंशावली इतिहास में महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ज़ैद के माध्यम से उनकी मातृ-रेखा बाद के हसनी वंशजों, हदीस रिवायत और सामुदायिक सेवा से जुड़ती है।
यह परिचय इस बात के लिए भी महत्वपूर्ण है कि कम उपलब्ध महिला-जीवनी को असमर्थित विवरणों से न भरा जाए। पिता, इमाम हसन से विवाह और संतान मज़बूत स्रोतों से स्पष्ट हैं, लेकिन व्यक्तिगत नाम, जन्म, मृत्यु और क़ब्र पर सावधानी आवश्यक है तथा पूर्ण पति-क्रम के लिए अलग स्रोत-आधारित जाँच आवश्यक है।
पारिवारिक संबंध
🤝 जीवनसाथी और वैवाहिक संबंध
इमाम हसन मुजतबा
संभावित
🌱 संतान
स्रोत
Kitab al-Irshad | Shaykh al-Mufid | Vol. 2, p. 20, children of Imam al-Hasan entry | https://www.masaha.org/book/view/1843/page/20 | Identifies Umm Bashir bint Abi Mas'ud al-Khazrajiyya as mother of Zayd, Umm al-Hasan and Umm al-HusaynAl-Tabaqat al-Kubra | Muhammad ibn Sa'd | Zayd ibn al-Hasan entry; pagination varies by edition | https://www.masaha.org/book/view/2058/page/239 | Her Khazraji-Ansari paternal lineage and maternal identity of Zayd
Tahdhib al-Kamal fi Asma al-Rijal | Jamal al-Din al-Mizzi | Vol. 10, pp. 52-53, Zayd ibn al-Hasan entry | https://www.islamweb.net/ar/library/content/1001/2241/ | Motherhood of Zayd, Umm al-Hasan and Umm al-Husayn; Umar ibn Abd al-Rahman as their maternal half-brother; Umm Sa'id bint Sa'id ibn Zayd as their maternal half-sister
Fath al-Bari bi Sharh Sahih al-Bukhari | Ibn Hajar al-Asqalani | Book of Maghazi, chapter on the angels at Badr; pagination varies by edition | https://www.islamweb.net/ar/library/content/52/7274/ | Marriage sequence: Sa'id ibn Zayd before al-Hasan, then Imam al-Hasan, then Abd al-Rahman ibn Abd Allah ibn Abi Rabi'a
Umdat al-Qari Sharh Sahih al-Bukhari | Badr al-Din al-Ayni | Vol. 17, Book of Maghazi; pagination varies by edition | https://www.islamweb.net/ar/library/content/303/16120/ | Independent corroboration of the same three-marriage sequence and children from the later marriage
चित्र दीर्घा
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