इब्राहीम ख़व्वास और घायल शेर जो दो बच्चों के साथ रोटी लेकर लौटा

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रिसाला कुशैरिय्या इब्राहीम ख़व्वास से यह रिवायत सुरक्षित रखती है कि एक घायल शेर उनके पास आया और अपना सूजा हुआ पंजा इलाज के लिए आगे किया। इब्राहीम ने घाव का इलाज और पट्टी की; कुछ समय बाद वही शेर दो बच्चों के साथ लौटा और रिवायत के अनुसार वे बच्चे रोटी लाए थे। खबर एक नामित सनद से सुरक्षित है, हालांकि उपलब्ध सामग्री में पूरी सनद की औपचारिक हदीसी श्रेणी नहीं दी गई है।

रिसाला कुशैरिय्या इब्राहीम ख़व्वास से जुड़ी एक असामान्य घटना बयान करती है। रिवायत की शुरुआत एक ऐसे शेर से होती है जिसका एक पंजा घायल और सूजा हुआ था। शेर हमला करने या दूर भागने के बजाय इब्राहीम के पास आया और अपना घायल पंजा उनके सामने रख दिया। इस उम्मीदवार के लिए सुरक्षित विवरण में आता है कि इब्राहीम ने पंजे को अपनी गोद में लिया, घाव को खोला, उसका इलाज किया और घायल स्थान पर पट्टी बाँध दी।

कहानी का पहला हिस्सा सीधा है। एक जंगली जानवर चोट की हालत में मदद के लिए सामने आता है और इब्राहीम ख़व्वास उसकी तकलीफ़ देखकर व्यावहारिक रूप से उसका इलाज करते हैं। रिवायत यहाँ किसी लंबे संवाद या अतिरिक्त चर्चा में नहीं जाती। केंद्र में शेर का घायल पंजा, इब्राहीम द्वारा किया गया उपचार और इलाज के बाद शेर का वहाँ से चले जाना है।

घटना यहीं समाप्त नहीं होती। कुछ समय बाद वही शेर फिर लौटा, लेकिन इस बार वह अकेला नहीं था। उसके साथ उसके दो बच्चे भी थे। रिवायत कहती है कि वे दोनों बच्चे इब्राहीम के लिए रोटी लेकर आए थे। इस दूसरे दृश्य से कहानी का अंत पूरा होता है: जिस शेर ने पहले चोट की हालत में मदद पाई थी, वह बाद में अपने बच्चों के साथ वापस आया और उन्हीं बच्चों के माध्यम से रोटी पहुँचने का उल्लेख किया गया।

पूरी घटना को क्रम से पढ़ें तो बात साफ़ है: घायल शेर इब्राहीम ख़व्वास के पास आया, उसने अपना सूजा हुआ पंजा आगे किया, इब्राहीम ने घाव का इलाज करके पट्टी बाँधी, शेर चला गया, और थोड़े समय बाद दो बच्चों के साथ लौट आया। रिवायत के अनुसार वे बच्चे रोटी लेकर आए थे। इस तरह इलाज और बाद की वापसी एक ही कहानी के दो जुड़े हुए हिस्से बन जाते हैं, जिन्हें अलग विषयों की लंबी चर्चा के बिना समझा जा सकता है।

अल-कुशैरी ने इस खबर को एक नामित सनद से सुरक्षित किया है जो अबू बक्र मुहम्मद बिन अली तिकरीती और मुहम्मद बिन अली कत्तानी के माध्यम से इब्राहीम ख़व्वास तक पहुँचती है। इसलिए उपलब्ध स्रोत में रिवायत की निस्बत पहचानी जा सकती है। फिर भी पूरी सनद को सहीह या हसन जैसी औपचारिक श्रेणी उपलब्ध सामग्री में नहीं दी गई। इसलिए इसे उसी सीमा में एक प्राचीन सूफ़ी रिवायत के रूप में पेश करना उचित है जिसमें शेर के लौटने और बच्चों के रोटी लाने की बात स्रोत के बयान के रूप में रखी जाए.

निष्कर्ष

यह घटना सावधानी के साथ एक प्राचीन और स्रोत-योग्य सूफ़ी रिवायत के रूप में पेश की जा सकती है, जिसमें इब्राहीम ख़व्वास द्वारा घायल शेर का इलाज और फिर उसके बच्चों के साथ लौटने तथा रोटी लाने का उल्लेख है।

स्रोत

al-Risala al-Qushayriyya, vol.2 p.553; Qushayri reports via Abu Bakr Muhammad b. Ali al-Tikriti <- Muhammad b. Ali al-Kattani <- Ibrahim al-Khawwas.