इमाम ज़ैनुल आबिदीन अलैहिस्सलाम के जीवनकाल में जन्म हुआ; सही तिथि और स्थान विश्वसनीय रूप से ज्ञात नहीं।
सुलैमान बिन अली ज़ैनुल आबिदीन
वंश शोध नोट — और देखें
इस मूल सूची में माता का व्यक्तिगत नाम दर्ज नहीं है; अज्ञात माता के लिए कोई काल्पनिक व्यक्ति नहीं बनाया गया है।
PER-000096
अहल अल-बैत
संभावित
विवादित स्थान
इमामी स्रोत-आधारित सूची
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सुलैमान इब्न अली ज़ैनुल आबिदीन इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन अलैहिस्सलाम के पुत्र और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के पौत्र थे। शैख़ मुफ़ीद की अल-इरशाद उन्हें हुसैन असग़र और अब्दुर्रहमान के साथ एक अनाम दासी-माता की संतान में गिनती है। उनकी शिक्षा, सार्वजनिक गतिविधि, विवाह, मृत्यु या दफ़न के बारे में विश्वसनीय स्वतंत्र जीवनी सुरक्षित नहीं है। वंशावली स्रोत सहमत हैं कि उनकी वंश-रेखा आगे नहीं चली। निशापुर के निकट उनसे संबद्ध एक बाद के मज़ार का उल्लेख मिलता है, पर उसे ऐतिहासिक दफ़न का प्रमाण नहीं माना गया।
मृत्यु की तिथि, कारण और स्थान किसी स्वतंत्र विश्वसनीय स्रोत से ज्ञात नहीं।
वास्तविक दफ़न-स्थान अज्ञात है। निशापुर के पास इस्मताबाद का वर्तमान मज़ार “सुल्तान सुलैमान इब्न इमाम सज्जाद” से संबद्ध बाद का स्थानीय ज़ियारत-स्थल है; दर्ज नक़्शा उसी संबद्ध स्थान को दिखाता है, किसी प्रमाणित क़ब्र को नहीं।
जीवनी और ऐतिहासिक परिचय
सुलैमान इब्न अली ज़ैनुल आबिदीन अहल अल-बैत की हुसैनी शाखा से थे। उनके पिता इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन अलैहिस्सलाम और उनके दादा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम थे। पितृ-संबंध स्पष्ट है, लेकिन मूल संतान-सूची उनकी माता का व्यक्तिगत नाम सुरक्षित नहीं करती।
शैख़ मुफ़ीद की अल-इरशाद इमाम ज़ैनुल आबिदीन की पंद्रह संतानों को गिनती है और हुसैन असग़र, अब्दुर्रहमान तथा सुलैमान को एक अनाम दासी-माता की संतान बताती है। यह सुलैमान के अस्तित्व और पारिवारिक स्थान का सबसे स्पष्ट प्रारंभिक प्रमाण है, पर इससे माता का नाम, सही जन्म-तिथि या स्वतंत्र जीवन-विवरण नहीं मिलता।
लुबाब अल-अंसाब बताती है कि अब्दुर्रहमान और सुलैमान की संतान नहीं थी, और अल-शजरा अल-मुबारका भी सुलैमान को उन पुत्रों में रखती है जिनकी वंश-रेखा आगे नहीं चली। ये कथन केवल वंशावली परिणाम सिद्ध करते हैं; इनसे यह सिद्ध नहीं होता कि उन्होंने कभी विवाह नहीं किया या उनका कोई निश्चित वैवाहिक इतिहास था। इसलिए पति या पत्नी संबंधी क्षेत्र अनुमान के बिना खाली रखे गए हैं।
बाद के रिजाल ग्रन्थों, स्थानीय विवरणों और आधुनिक अध्ययनों में निशापुर क्षेत्र के इस्मताबाद के पास “सुल्तान सुलैमान इब्न इमाम सज्जाद” से संबद्ध एक मज़ार का उल्लेख मिलता है। फिर भी प्रारम्भिक इमामी या सुन्नी स्रोतों में उनकी कोई स्वतंत्र जीवनी, मृत्यु-सूचना या स्पष्ट दफ़न-विवरण नहीं मिला जो इस स्थान की ऐतिहासिक पहचान सिद्ध कर सके। इसलिए उनका वास्तविक दफ़न-स्थान अज्ञात रखा गया है, जबकि वर्तमान इस्मताबाद स्थल को बाद की स्थानीय ज़ियारती निस्बत और जीवित धार्मिक स्मृति माना गया है, प्रमाणित क़ब्र नहीं।
शैख़ मुफ़ीद की अल-इरशाद इमाम ज़ैनुल आबिदीन की पंद्रह संतानों को गिनती है और हुसैन असग़र, अब्दुर्रहमान तथा सुलैमान को एक अनाम दासी-माता की संतान बताती है। यह सुलैमान के अस्तित्व और पारिवारिक स्थान का सबसे स्पष्ट प्रारंभिक प्रमाण है, पर इससे माता का नाम, सही जन्म-तिथि या स्वतंत्र जीवन-विवरण नहीं मिलता।
लुबाब अल-अंसाब बताती है कि अब्दुर्रहमान और सुलैमान की संतान नहीं थी, और अल-शजरा अल-मुबारका भी सुलैमान को उन पुत्रों में रखती है जिनकी वंश-रेखा आगे नहीं चली। ये कथन केवल वंशावली परिणाम सिद्ध करते हैं; इनसे यह सिद्ध नहीं होता कि उन्होंने कभी विवाह नहीं किया या उनका कोई निश्चित वैवाहिक इतिहास था। इसलिए पति या पत्नी संबंधी क्षेत्र अनुमान के बिना खाली रखे गए हैं।
बाद के रिजाल ग्रन्थों, स्थानीय विवरणों और आधुनिक अध्ययनों में निशापुर क्षेत्र के इस्मताबाद के पास “सुल्तान सुलैमान इब्न इमाम सज्जाद” से संबद्ध एक मज़ार का उल्लेख मिलता है। फिर भी प्रारम्भिक इमामी या सुन्नी स्रोतों में उनकी कोई स्वतंत्र जीवनी, मृत्यु-सूचना या स्पष्ट दफ़न-विवरण नहीं मिला जो इस स्थान की ऐतिहासिक पहचान सिद्ध कर सके। इसलिए उनका वास्तविक दफ़न-स्थान अज्ञात रखा गया है, जबकि वर्तमान इस्मताबाद स्थल को बाद की स्थानीय ज़ियारती निस्बत और जीवित धार्मिक स्मृति माना गया है, प्रमाणित क़ब्र नहीं।
ऐतिहासिक महत्व और विरासत
सुलैमान का मुख्य ऐतिहासिक महत्व वंशावली संबंधी है। मान्य स्रोत उन्हें इमाम ज़ैनुल आबिदीन के एक अलग पुत्र के रूप में सुरक्षित रखते हैं। सामग्री कम होने के बावजूद संतान-सूचियां अहल अल-बैत परिवार में उनका स्थान और उनकी वंश-रेखा के आगे न चलने को दर्ज करती हैं।
उनका परिचय स्रोत-अनुशासन का उदाहरण भी है। जब प्रारंभिक अभिलेख केवल नाम, पिता, मातृ-श्रेणी और संतान न होने तक सीमित हो, तब विद्वत्ता, चमत्कार, यात्राएं, विवाह, मृत्यु-काल या क़ब्र का विवरण बनाना उचित नहीं। स्थानीय मज़ार की निस्बत को ऐतिहासिक दफ़न-प्रमाण से अलग रखना इसी सिद्धांत का भाग है।
दर्ज भौगोलिक निर्देशांक इस्मताबाद के वर्तमान संबद्ध ज़ियारत-स्थल को दिखाते हैं, सुलैमान इब्न इमाम ज़ैनुल आबिदीन अलैहिस्सलाम के निश्चित दफ़न-स्थान को नहीं। इस निस्बत की आगे जाँच के लिए पुराने अभिलेख, वक़्फ़नामे, स्थानीय मुतवल्ली परिवार के दस्तावेज़ और निशापुर तथा ख़ुरासान के प्राचीन स्थानीय इतिहास विशेष महत्त्व रखते हैं।
उनका परिचय स्रोत-अनुशासन का उदाहरण भी है। जब प्रारंभिक अभिलेख केवल नाम, पिता, मातृ-श्रेणी और संतान न होने तक सीमित हो, तब विद्वत्ता, चमत्कार, यात्राएं, विवाह, मृत्यु-काल या क़ब्र का विवरण बनाना उचित नहीं। स्थानीय मज़ार की निस्बत को ऐतिहासिक दफ़न-प्रमाण से अलग रखना इसी सिद्धांत का भाग है।
दर्ज भौगोलिक निर्देशांक इस्मताबाद के वर्तमान संबद्ध ज़ियारत-स्थल को दिखाते हैं, सुलैमान इब्न इमाम ज़ैनुल आबिदीन अलैहिस्सलाम के निश्चित दफ़न-स्थान को नहीं। इस निस्बत की आगे जाँच के लिए पुराने अभिलेख, वक़्फ़नामे, स्थानीय मुतवल्ली परिवार के दस्तावेज़ और निशापुर तथा ख़ुरासान के प्राचीन स्थानीय इतिहास विशेष महत्त्व रखते हैं।
पारिवारिक संबंध
👪 माता-पिता
पिता
इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन
संभावित
स्रोत
Kitab al-Irshad fi Ma'rifat Hujaj Allah ala al-Ibad | Shaykh al-Mufid | Vol. 2, p. 155 | https://books.rafed.net/view/429/page/155 | directly lists Sulayman among Imam Zayn al-Abidin's children and places him with Husayn al-Asghar and Abd al-Rahman under an unnamed umm waladLubab al-Ansab wa al-Alqab wa al-Aqab | Zahir al-Din al-Bayhaqi | children of Imam Zayn al-Abidin, displayed p. 43 | https://shamela.ws/book/355/43 | preserves Sulayman's genealogical identity and states that neither he nor Abd al-Rahman left children
Al-Shajara al-Mubaraka fi Ansab al-Talibiyya | Fakhr al-Din al-Razi | p. 74 | https://books.rafed.net/view/1718/page/74 | counts Sulayman among the sons of Imam Zayn al-Abidin who left no continuing descendants
Kashf al-Ghumma fi Ma'rifat al-A'imma | Ali ibn Isa al-Irbili | Vol. 2, displayed p. 91 | https://books.rafed.net/view/4277/page/91 | later child-list summary likewise records Sulayman without descendants
Sayyid al-Abidin: Imam Ali ibn al-Husayn | modern scholarly study | pp. 245-246 | https://download.almohsinlibrary.com/KM/KM29.pdf | reports the later local shrine attribution near Ismatabad and explicitly notes the absence of an independent early biography; used only for attribution, not as burial proof
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