हज़रत फ़ातिमा बिन्त इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन सलामुल्लाह अलैहा की ठीक जन्म-तिथि और जन्म-स्थान मान्य समीक्षित स्रोतों में सुरक्षित नहीं हैं।
फ़ातिमा बिन्त अली ज़ैनुल आबिदीन
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इस मूल सूची में माता का व्यक्तिगत नाम दर्ज नहीं है; अज्ञात माता के लिए कोई काल्पनिक व्यक्ति नहीं बनाया गया है।
PER-000100
अहल अल-बैत
संभावित
दफ़न स्थान अज्ञात
इमामी स्रोत-आधारित सूची
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हज़रत फ़ातिमा बिन्त इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन सलामुल्लाह अलैहा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की पोती और मदीना के हुसैनी अहलुल-बैत की कम-वर्णित लेकिन विश्वसनीय रूप से नामित महिला थीं। शैख़ मुफ़ीद की संतान-सूची उन्हें इमाम ज़ैनुल आबिदीन की पुत्री बताती है और उनकी माता को केवल अनाम दासी-माता कहती है। एक प्रसिद्ध वंशावली रिवायत उनका विवाह दाऊद इब्न अली इब्न अब्दुल्लाह इब्न अल-अब्बास से और एक पुत्री का जन्म लिखती है। बाद की एक हदीसी शृंखला में वह अपनी फूफियों फ़ातिमा और सकीना सलामुल्लाह अलैहिमा से रिवायत करती हैं, जबकि जन्म, मृत्यु और दफ़न का विवरण सुरक्षित नहीं है।
हज़रत फ़ातिमा बिन्त इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन सलामुल्लाह अलैहा की मृत्यु की तिथि, स्थान और परिस्थितियाँ मान्य समीक्षित स्रोतों में सुरक्षित नहीं हैं।
हज़रत फ़ातिमा बिन्त इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन सलामुल्लाह अलैहा का दफ़न-स्थान अज्ञात है। कोई निश्चित क़ब्र, मज़ार या मानचित्र स्थान ऐतिहासिक रूप से सिद्ध नहीं है।
जीवनी और ऐतिहासिक परिचय
हज़रत फ़ातिमा बिन्त इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन सलामुल्लाह अलैहा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से चली हुसैनी शाखा से थीं। शैख़ मुफ़ीद की किताब अल-इरशाद उन्हें इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन की पंद्रह संतानों में गिनती है। उसी सूची के अनुसार फ़ातिमा, अलिय्या और उम्म कुलसूम की माता एक अनाम दासी-माता थीं; उनका निजी नाम सुरक्षित न होने के कारण इसलिए किसी निश्चित माता की पहचान नहीं की जा सकती।
अल-शजरत अल-मुबारका हज़रत फ़ातिमा सलामुल्लाह अलैहा को इमाम ज़ैनुल आबिदीन की चौथी नामित पुत्री बताती है। इस ग्रंथ के दोनों जाँचे गए संस्करण और इब्न हज़्म की जमहरत अंसाब अल-अरब सहमत हैं कि उन्होंने अपनी बहन उम्म अल-हसन के बाद दाऊद इब्न अली इब्न अब्दुल्लाह इब्न अल-अब्बास से विवाह किया और एक पुत्री को जन्म दिया। यही दाऊद अब स्थिर पहचान के साथ दस्तावेज़ित वंशावली में दर्ज हैं, इसलिए यह वैवाहिक संबंध संगत वंशावली प्रमाण पर पुष्टि किया गया है।
इब्न अल-जज़री की अस्ना अल-मतालिब में सुरक्षित एक बाद की रिवायत-शृंखला फ़ातिमा बिन्त अली इब्न अल-हुसैन सलामुल्लाह अलैहा को अपनी फूफियों फ़ातिमा बिन्त अल-हुसैन और सकीना बिन्त अल-हुसैन सलामुल्लाह अलैहिमा से रिवायत करने वाली बताती है। यह अहलुल-बैत की महिलाओं के बीच ज्ञान-स्मृति के संचार का उल्लेखनीय उदाहरण है, लेकिन केवल इसी आधार पर विस्तृत शिक्षण-परंपरा, स्वतंत्र रचनाएँ या निश्चित रावी-श्रेणी सिद्ध नहीं की गई।
उनका पारिवारिक स्थान हुसैनी और अब्बासी हाशिमी शाखाओं के बीच वैवाहिक संबंध भी दिखाता है। उपलब्ध मजबूत सामग्री उन्हें किसी राजनीतिक आंदोलन, कर्बला में सीधे भाग, सरकारी पद या स्वतंत्र सार्वजनिक भूमिका से नहीं जोड़ती। इसलिए परिचय प्रमाणित वंश, वर्णित विवाह, एक पुत्री की खबर और बाद की हदीसी शृंखला तक सीमित है।
विश्वसनीय स्रोत उनकी ठीक जन्म-तिथि, जन्म-स्थान, आयु, मृत्यु की तिथि और परिस्थितियाँ या दफ़न-स्थान सुरक्षित नहीं करते। किसी निश्चित क़ब्र, मज़ार या मानचित्र स्थान के लिए मजबूत प्रारंभिक प्रमाण नहीं मिला। इसलिए दफ़न-स्थान अज्ञात रखा गया और मज़ार तथा भौगोलिक खाने वैसे ही खाली सुरक्षित हैं।
अल-शजरत अल-मुबारका हज़रत फ़ातिमा सलामुल्लाह अलैहा को इमाम ज़ैनुल आबिदीन की चौथी नामित पुत्री बताती है। इस ग्रंथ के दोनों जाँचे गए संस्करण और इब्न हज़्म की जमहरत अंसाब अल-अरब सहमत हैं कि उन्होंने अपनी बहन उम्म अल-हसन के बाद दाऊद इब्न अली इब्न अब्दुल्लाह इब्न अल-अब्बास से विवाह किया और एक पुत्री को जन्म दिया। यही दाऊद अब स्थिर पहचान के साथ दस्तावेज़ित वंशावली में दर्ज हैं, इसलिए यह वैवाहिक संबंध संगत वंशावली प्रमाण पर पुष्टि किया गया है।
इब्न अल-जज़री की अस्ना अल-मतालिब में सुरक्षित एक बाद की रिवायत-शृंखला फ़ातिमा बिन्त अली इब्न अल-हुसैन सलामुल्लाह अलैहा को अपनी फूफियों फ़ातिमा बिन्त अल-हुसैन और सकीना बिन्त अल-हुसैन सलामुल्लाह अलैहिमा से रिवायत करने वाली बताती है। यह अहलुल-बैत की महिलाओं के बीच ज्ञान-स्मृति के संचार का उल्लेखनीय उदाहरण है, लेकिन केवल इसी आधार पर विस्तृत शिक्षण-परंपरा, स्वतंत्र रचनाएँ या निश्चित रावी-श्रेणी सिद्ध नहीं की गई।
उनका पारिवारिक स्थान हुसैनी और अब्बासी हाशिमी शाखाओं के बीच वैवाहिक संबंध भी दिखाता है। उपलब्ध मजबूत सामग्री उन्हें किसी राजनीतिक आंदोलन, कर्बला में सीधे भाग, सरकारी पद या स्वतंत्र सार्वजनिक भूमिका से नहीं जोड़ती। इसलिए परिचय प्रमाणित वंश, वर्णित विवाह, एक पुत्री की खबर और बाद की हदीसी शृंखला तक सीमित है।
विश्वसनीय स्रोत उनकी ठीक जन्म-तिथि, जन्म-स्थान, आयु, मृत्यु की तिथि और परिस्थितियाँ या दफ़न-स्थान सुरक्षित नहीं करते। किसी निश्चित क़ब्र, मज़ार या मानचित्र स्थान के लिए मजबूत प्रारंभिक प्रमाण नहीं मिला। इसलिए दफ़न-स्थान अज्ञात रखा गया और मज़ार तथा भौगोलिक खाने वैसे ही खाली सुरक्षित हैं।
ऐतिहासिक महत्व और विरासत
हज़रत फ़ातिमा बिन्त इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन सलामुल्लाह अलैहा की ऐतिहासिक महत्ता मान्य इमामी और वंशावली सूचियों में इमाम की नामित पुत्रियों के सुरक्षित रहने से आरंभ होती है। दाऊद इब्न अली से उनका पुष्ट विवाह हुसैनी अहलुल-बैत और अब्बासी हाशिमी शाखा के बीच दस्तावेज़ित पारिवारिक संबंध है।
उनका नाम महिलाओं की एक बाद की रिवायत-शृंखला में भी आता है, जहाँ वह अपनी फूफियों फ़ातिमा और सकीना सलामुल्लाह अलैहिमा से रिवायत करती हैं। यह निस्बत अहलुल-बैत की महिलाओं द्वारा ज्ञान-स्मृति के संचार को याद रखने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन देर की और सीमित सामग्री से विस्तृत विद्वत संस्था का दावा नहीं किया गया।
यह परिचय सीमित प्रमाणों के जिम्मेदार उपयोग का उदाहरण है: प्रमाणित वंश और सावधानी से श्रेणीबद्ध विवाह सुरक्षित हैं, जबकि अनाम माता, अज्ञात कालक्रम, असिद्ध राजनीतिक भूमिका और अज्ञात दफ़न को बाद की धारणाओं से नहीं भरा गया। ऐतिहासिक प्रमाण के बिना कोई मज़ार या निर्देशांक नहीं जोड़ा गया।
उनका नाम महिलाओं की एक बाद की रिवायत-शृंखला में भी आता है, जहाँ वह अपनी फूफियों फ़ातिमा और सकीना सलामुल्लाह अलैहिमा से रिवायत करती हैं। यह निस्बत अहलुल-बैत की महिलाओं द्वारा ज्ञान-स्मृति के संचार को याद रखने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन देर की और सीमित सामग्री से विस्तृत विद्वत संस्था का दावा नहीं किया गया।
यह परिचय सीमित प्रमाणों के जिम्मेदार उपयोग का उदाहरण है: प्रमाणित वंश और सावधानी से श्रेणीबद्ध विवाह सुरक्षित हैं, जबकि अनाम माता, अज्ञात कालक्रम, असिद्ध राजनीतिक भूमिका और अज्ञात दफ़न को बाद की धारणाओं से नहीं भरा गया। ऐतिहासिक प्रमाण के बिना कोई मज़ार या निर्देशांक नहीं जोड़ा गया।
पारिवारिक संबंध
स्रोत
Kitab al-Irshad | Shaykh al-Mufid | Vol. 2, p. 155 in a common edition; child-list passage displayed as p. 380 | https://www.almerja.net/more.php?idm=13388 | lists Fatima among the daughters of Imam Ali Zayn al-Abidin and states that her mother was an unnamed umm waladAsna al-Matalib fi Manaqib Sayyidina Ali ibn Abi Talib | Shams al-Din Ibn al-Jazari | p. 50 in the displayed edition | https://books.rafed.net/view/2614/page/50 | later female chain naming Fatima bint Ali ibn al-Husayn as narrating from Fatima and Sukayna bint al-Husayn
Al-Shajara al-Mubaraka fi Ansab al-Talibiyya | attributed to Fakhr al-Din al-Razi | Vol. 1, p. 88 | https://lib.eshia.ir/86520/1/88 | Fatima married Dawud ibn Ali after her sister Umm al-Hasan and bore one daughter
Al-Shajara al-Mubaraka fi Ansab al-Talibiyya, Marashi edition | attributed to Fakhr al-Din al-Razi | p. 74 | https://lib.eshia.ir/10457/1/74 | corroborates the same wife, sister sequence, and child
Jamharat Ansab al-Arab | Ibn Hazm al-Andalusi | descendants of al-Husayn entry; pagination varies by edition | https://books.islam-db.com/book/جمهـره_انساب_العرب_لابن_حزم/59 | names the sister as Umm al-Hasan and confirms the full Dawud lineage and sequential marriages
Al-Tabaqat al-Kubra | Ibn Sa'd | entry 1125; pagination varies by edition | https://read.shamela.ws/book/1686/1810 | exact identity and full lineage of Dawud ibn Ali ibn Abd Allah ibn al-Abbas ibn Abd al-Muttalib
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