मुआविया इब्न मरवान

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मुआविया इब्न मरवान इब्न अल-हकम, जिनकी कुनियत अबू अल-मुगीरा थी, एक उमवी राजकुमार और ख़लीफ़ा अब्द अल-मलिक इब्न मरवान के सगे भाई थे। मुसअब अल-ज़ुबैरी की «नसब कुरैश», पृष्ठ 45, और इब्न हज़्म की «जमहरत अंसाब अल-अरब», पृष्ठ 87, रमला बिन्त अली इब्न अबी तालिब से उनके पहले पति अबू अल-हयाज के बाद मुआविया के निकाह को स्पष्ट रूप से सुरक्षित करते हैं, और बाद की इमामी पुस्तक «इहक़ाक़ अल-हक़» भी यही संबंध उद्धृत करती है। एक अलग वंशावली रिवायत ज़ैनब बिन्त अल-हसन इब्न अल-हसन इब्न अली को उनके पुत्र अल-वलीद की माता बताती है; उन्हें रमला बिन्त अली या किसी कल्पित «रमला बिन्त हसन» के साथ नहीं मिलाना चाहिए। मुआविया के जन्म, मृत्यु और दफ़न की विश्वसनीय विस्तृत जानकारी ज्ञात नहीं है।
जन्म

जाँचे गए स्रोत उनकी जन्मतिथि और जन्मस्थान को विश्वसनीय रूप से सुरक्षित नहीं रखते।

निधन

उनकी मृत्यु की तिथि, स्थान और परिस्थितियाँ विश्वसनीय रूप से सुरक्षित नहीं हैं।

दफ़न या संबद्ध स्थान

उनका दफ़न स्थान अज्ञात है; कोई विशिष्ट क़ब्र या मज़ार ऐतिहासिक रूप से सिद्ध नहीं है।

जीवनी और ऐतिहासिक परिचय

मुआविया इब्न मरवान उमवी घराने की मरवानी शाखा से सम्बन्ध रखते थे। इब्न साद मरवान इब्न अल हकम को उनका पिता और आयशा बिन्त मुआविया इब्न अल मुगीरा को उनकी माता बताते हैं तथा अब्द अल मलिक और मुआविया को एक ही माता की संतान मानते हैं। इब्न असाकिर भी उन्हें अब्द अल मलिक का सगा भाई कहते हैं, अबू अल मुगीरा की कुनियत देते हैं और दमिश्क में उनके घर का उल्लेख करते हैं।

उनकी पहचान समान नाम वाले कई उमवी व्यक्तियों से अलग रखी जानी चाहिए, विशेषतः मुआविया इब्न मरवान इब्न अब्द अल मलिक और बाद की पीढ़ियों के मिलते-जुलते नामों से। शास्त्रीय प्रविष्टियों में स्पष्ट वंश मुआविया इब्न मरवान इब्न अल हकम इब्न अबी अल आस है और अब्द अल मलिक से सगा भाई होना अतिरिक्त पहचान प्रदान करता है। इसलिए अभिलेख में पुष्ट विश्वास स्तर स्रोतों से समर्थित है।

उनके जीवन का सबसे मज़बूत सुरक्षित निजी प्रसंग रमला बिन्त अली इब्न अबी तालिब से निकाह है। प्राचीन सुन्नी वंशावली ग्रंथ «नसब कुरैश» के लेखक मुसअब इब्न अब्दुल्लाह अल-ज़ुबैरी, पृष्ठ 45, स्पष्ट लिखते हैं कि रमला पहले अबू अल-हयाज अब्दुल्लाह इब्न अबी सुफ़यान इब्न अल-हारिस इब्न अब्द अल-मुत्तलिब के निकाह में थीं और उनके बाद मुआविया इब्न मरवान ने उनसे निकाह किया। इब्न हज़्म «जमहरत अंसाब अल-अरब», पृष्ठ 87, यही क्रम स्पष्ट रूप से दोहराते हैं। इमामी सामग्री में शैख़ मुफ़ीद «अल-इरशाद», खंड 1, पृष्ठ 354, रमला को इमाम अली की पुत्रियों में गिनते हैं और उनकी माता उम्मे सईद बिन्त उरवा अल-सक़फ़िय्या बताते हैं, हालाँकि उसी स्थान पर पति का नाम नहीं देते। बाद की इमामी पुस्तक «इहक़ाक़ अल-हक़ व इज़हाक़ अल-बातिल», खंड 32, पृष्ठ 685, अबू अल-हयाज के बाद रमला के मुआविया इब्न मरवान से निकाह को स्पष्ट रूप से उद्धृत करती है। इसलिए रमला बिन्त अली से यह निकाह केवल एक धार्मिक परंपरा की अलग रिवायत नहीं है; यह प्रारंभिक सुन्नी वंशावली और बाद की इमामी सामग्री दोनों में सुरक्षित है।

यहीं एक महत्त्वपूर्ण नाम-संबंधी भ्रम भी साफ होता है। कुछ आधुनिक लेखों में «रमला बिन्त हसन» को मुआविया की पत्नी और अल-वलीद की माता कहा गया है, लेकिन जाँचे गए प्राचीन वंशावली ग्रंथों में यह नाम इस रूप में नहीं मिला। इब्न हज़्म «जमहरत अंसाब अल-अरब», पृष्ठ 91 और 108, मुआविया इब्न मरवान के छह पुत्र—अल-मुगीरा, अब्द अल-मलिक, बिश्र, मुहम्मद, ख़ालिद और अल-वलीद—लिखते हैं और अल-वलीद की माता को स्पष्ट रूप से «ज़ैनब बिन्त अल-हसन इब्न अल-हसन इब्न अली इब्न अबी तालिब» बताते हैं। उमवी और हाशिमी वैवाहिक संबंधों पर इब्न हज़्म के एक दूसरे विवरण में क्रम और स्पष्ट है: ज़ैनब पहले अल-वलीद इब्न अब्द अल-मलिक के निकाह में थीं; तलाक़ के बाद उसके चाचा मुआविया इब्न मरवान ने उनसे निकाह किया और उनसे अल-वलीद पैदा हुआ। इसलिए रमला बिन्त अली और ज़ैनब बिन्त अल-हसन इब्न अल-हसन दो अलग अलवी महिलाएँ हैं; इन दोनों संबंधों को मिलाकर «रमला बिन्त हसन» बनाना इन स्रोतों से समर्थित नहीं है। फिर भी अल-वलीद की बाद की राजनीतिक पहचान में सावधानी आवश्यक है: इब्न असाकिर «तारीख़ दमिश्क», खंड 63, पृष्ठ 296, अंतिम उमवी दौर के दमिश्क-शासक की वंशावली के कई रूप उद्धृत करते हैं और «अल-वलीद इब्न मुआविया इब्न मरवान इब्न अब्द अल-मलिक» को अधिक स्थापित बताते हैं; माता के बारे में भी एक बर्बर उम्मे-वलद और, दूसरे कथन में, ज़ैनब बिन्त अल-हसन इब्न अल-हसन का उल्लेख करते हैं। इसलिए इब्न हज़्म की वंशावली रिवायत सुरक्षित रखी गई है, लेकिन वंश-संबंधी मतभेद बताए बिना उस अंतिम दमिश्क-शासक की पूरी राजनीतिक जीवनी को इसी मुआविया के पुत्र पर लागू नहीं किया गया।

मुआविया इब्न मरवान की अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक भूमिका के बारे में सामग्री बहुत सीमित है। इब्न असाकिर «तारीख़ दमिश्क», खंड 59, पृष्ठ 276, उन्हें अबू अल-मुगीरा और अब्द अल-मलिक इब्न मरवान का सगा भाई बताते हैं तथा दमिश्क के बड़े बाज़ार क्षेत्र में उनके घर का उल्लेख करते हैं। इससे दमिश्क में उनकी उपस्थिति और पहली मरवानी शासक पीढ़ी से उनका निकट पारिवारिक संबंध सिद्ध होता है, लेकिन जाँचे गए विश्वसनीय स्रोतों में उनके लिए कोई निश्चित गवर्नरी, सैन्य कमान या औपचारिक प्रशासनिक पद सिद्ध नहीं हुआ। इसलिए यह कहना उपलब्ध प्रमाण से आगे बढ़ना होगा कि वह अपने पिता मरवान या भाई अब्द अल-मलिक के दौर में अवश्य किसी विशेष दरबारी या प्रशासनिक पद पर थे। कुछ साहित्यिक ग्रंथों की नकारात्मक कथाएँ भी उनके पूरे व्यक्तित्व या योग्यता का सुरक्षित ऐतिहासिक मूल्यांकन नहीं बन सकतीं; प्रोफ़ाइल को सिद्ध वंश, दस्तावेज़ित वैवाहिक संबंध और सीमित दमिश्क-संबंधी जानकारी तक सावधानी से रखना अधिक सही है।

ऐतिहासिक महत्व और विरासत

मुआविया इब्न मरवान का ऐतिहासिक महत्व किसी सिद्ध गवर्नरी से अधिक पहली मरवानी पीढ़ी और उमवी वंशावली-जाल में उनकी जगह से जुड़ा है। इब्न साद और इब्न असाकिर उन्हें मरवान इब्न अल-हकम और आयशा बिन्त मुआविया इब्न अल-मुगीरा का पुत्र तथा अब्द अल-मलिक इब्न मरवान का सगा भाई बताते हैं। यही स्पष्ट पहचान उन्हें मुआविया इब्न मरवान इब्न अब्द अल-मलिक और बाद की पीढ़ियों के समान नाम वाले व्यक्तियों से अलग रखने को आवश्यक बनाती है।

उनके अलवी वैवाहिक संबंध इस संक्षिप्त जीवनी का सबसे महत्त्वपूर्ण स्पष्टीकरण हैं। «नसब कुरैश» पृष्ठ 45 और इब्न हज़्म पृष्ठ 87 रमला बिन्त अली से उनके निकाह पर सहमत हैं; शैख़ मुफ़ीद रमला की पहचान इमाम अली की पुत्री के रूप में सुरक्षित करते हैं और बाद की इमामी «इहक़ाक़ अल-हक़» भी मुआविया से वही निकाह उद्धृत करती है। अलग रूप से इब्न हज़्म ज़ैनब बिन्त अल-हसन इब्न अल-हसन को मुआविया की पत्नी और अल-वलीद की माता बताते हैं। इसलिए रमला बिन्त अली और ज़ैनब बिन्त अल-हसन इब्न अल-हसन को अलग रखना आवश्यक है; मिश्रित नाम «रमला बिन्त हसन» जाँची गई वंशावली तस्वीर को सही रूप में प्रस्तुत नहीं करता। ये निकाह उमवी और अलवी/हाशिमी परिवारों के बीच वास्तविक वैवाहिक संबंध दिखाते हैं, लेकिन अपने-आप राजनीतिक सहमति या हर ऐतिहासिक मतभेद के अभाव का प्रमाण नहीं हैं।

पारिवारिक संबंध

स्रोत

Al-Tabaqat al-Kubra | Ibn Sad | Vol. 5, p. 36, biography of Marwan ibn al-Hakam | https://ablibrary.net/book_content/4729/36 | Identifies Marwan as father, Aisha bint Muawiya ibn al-Mughira as mother, and Abd al-Malik and Muawiya as full brothers
Al-Maarif | Ibn Qutayba al-Dinawari | Biographical notice; pagination varies by edition | https://www.islamicbook.ws/tarekh/almaarf-002.html | Preserves later adab-style anecdotes and the names Abd al-Malik, al-Mughira and Bishr among his sons; used only as literary context
Nasab Quraysh | Musab ibn Abd Allah al-Zubayri | Vol. 1, p. 45 | https://ar.lib.eshia.ir/40519/1/45 | Directly states that Ramla bint Ali was first married to Abu al-Hayaj and that Muawiya ibn Marwan married her afterward
al-Irshad | Shaykh al-Mufid | Vol. 1, p. 354 | https://ar.lib.eshia.ir/27035/1/354 | Lists Ramla among Imam Ali's daughters and identifies her mother as Umm Sa'id bint Urwa al-Thaqafiyya; this passage does not name Ramla's husband
Ihqaq al-Haqq wa Izhaq al-Batil | Imami compilation attributed to Qadi Nur Allah al-Shushtari, expanded edition | Vol. 32, p. 685 | https://ar.lib.eshia.ir/10271/32/685 | Transmits that Ramla married Muawiya ibn Marwan after Abu al-Hayaj
Jamharat Ansab al-Arab | Ibn Hazm | p. 87 | https://usul.ai/ar/t/jamharat-ansab-1/87 | Identifies Muawiya ibn Marwan as Abd al-Malik's full brother and explicitly records his marriage to Ramla bint Ali after Abu al-Hayaj
Jamharat Ansab al-Arab | Ibn Hazm | p. 91 | https://www.masaha.org/book/view/2330/page/91 | Lists six sons of Muawiya and identifies al-Walid's mother as Zaynab bint al-Hasan ibn al-Hasan ibn Ali
Jamharat Ansab al-Arab | Ibn Hazm | p. 108 | https://shamela.ws/book/9793/108 | States that al-Walid ibn Muawiya's mother was Zaynab bint al-Hasan ibn al-Hasan ibn Ali
Rasa'il Ibn Hazm / Umayyad-Hashimite intermarriages | Ibn Hazm | p. 109 in the cited edition | https://ablibrary.net/book_content/8433/109 | States that al-Walid ibn Abd al-Malik first married Zaynab bint al-Hasan ibn al-Hasan, then after divorce his uncle Muawiya ibn Marwan married her and she bore al-Walid
Tarikh Madinat Dimashq | Ibn Asakir | Vol. 59, p. 276 | https://ar.lib.eshia.ir/22014/59/276 | Identifies Muawiya ibn Marwan ibn al-Hakam as Abu al-Mughira, full brother of Abd al-Malik, and records his house in Damascus; no specific office is stated
Tarikh Madinat Dimashq | Ibn Asakir | Vol. 63, p. 296 | https://ar.lib.eshia.ir/22014/63/296 | Preserves competing lineages for the late Umayyad governor al-Walid and prefers al-Walid ibn Muawiya ibn Marwan ibn Abd al-Malik; also preserves variant reports about his mother

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