मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह की करामत: मछलियों के मुँह में रत्न और समुद्र पर चलना

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हुजवीरी रहिमहुल्लाह ने कश्फ़ अल-महजूब में मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह की समुद्री यात्रा से जुड़ी एक यादगार करामत लिखी है। जहाज़ में एक रत्न खो गया और मालिक पर उसे लेने का आरोप लगा। रिवायत के अनुसार मछलियाँ अपने मुँह में रत्न लिए समुद्र की सतह पर आईं, मालिक ने एक रत्न लेकर दावेदार को दिया और उसके बाद पानी पर चलते हुए किनारे तक पहुँच गए।

हुजवीरी रहिमहुल्लाह ने कश्फ़ अल-महजूब में मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह की समुद्री यात्रा से जुड़ी एक अद्भुत करामत लिखी है। रिवायत के अनुसार मालिक एक जहाज़ में सफ़र कर रहे थे कि जहाज़ में किसी यात्री का एक रत्न गायब हो गया। खोज और बातचीत के दौरान संदेह मालिक की ओर गया और उन पर उस रत्न को लेने का आरोप लगाया गया। इस तरह साधारण समुद्री यात्रा अचानक ऐसी स्थिति में बदल गई जिसमें जहाज़ पर मौजूद लोगों की निगाहें मालिक पर टिक गईं।

रिवायत कहती है कि मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह ने आकाश की ओर देखा। इसके बाद समुद्र की सतह पर एक आश्चर्यजनक दृश्य दिखाई दिया। मछलियाँ पानी से ऊपर आईं और उनके मुँह में रत्न थे। यह दृश्य उसी समय सामने आया जब खोए हुए रत्न का आरोप मालिक पर लगा हुआ था और जहाज़ के लोग इस पूरी घटना को देख रहे थे।

मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह ने उन मछलियों में से एक रत्न लिया और उस व्यक्ति को दे दिया जिसने अपने रत्न के गायब होने की बात कही थी। कश्फ़ अल-महजूब की इस कथा में जहाज़ के भीतर किसी सामान्य खोज से रत्न मिलने का उल्लेख नहीं है। कहानी का असाधारण मोड़ मछलियों का रत्न लेकर सतह पर आना और मालिक का उनमें से एक रत्न दावेदार को देना है।

लेकिन घटना यहीं समाप्त नहीं होती। रत्न देने के बाद रिवायत में आता है कि मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह जहाज़ से उतरे, समुद्र की सतह पर कदम रखा और पानी के ऊपर चलते हुए किनारे तक पहुँच गए। इस प्रकार एक ही कथा में दो असाधारण दृश्य सामने आते हैं: पहले मछलियों का रत्न लेकर आना और फिर मालिक का समुद्र के पानी पर चलते हुए जहाज़ से दूर निकल जाना।

कश्फ़ अल-महजूब में ये दोनों दृश्य मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह से जुड़ी एक ही करामती कथा के रूप में आते हैं। कहानी एक खोए हुए रत्न के आरोप से शुरू होती है, मछलियों के आने पर उसका सबसे आश्चर्यजनक क्षण आता है, और फिर मालिक के पानी पर चलते हुए किनारे तक पहुँचने पर उसका समापन होता है।

अत्तार की तज़किरतुल-अौलिया में भी मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह से जुड़ी इसी प्रकार की एक मिलती-जुलती करामत मिलती है, जिसमें समुद्री यात्रा, मछलियों का कीमती वस्तुएँ लाना और पानी पर चलने का दृश्य आता है। इस पृष्ठ पर मुख्य कथा हुजवीरी रहिमहुल्लाह की कश्फ़ अल-महजूब में सुरक्षित रिवायत के अनुसार प्रस्तुत की गई है।

निष्कर्ष

कश्फ़ अल-महजूब में मालिक बिन दीनार रहिमहुल्लाह की यह यादगार करामत सुरक्षित है कि खोए हुए रत्न के आरोप के बाद मछलियाँ रत्न लेकर समुद्र की सतह पर आईं, उन्होंने एक रत्न दावेदार को दिया और फिर पानी पर चलते हुए किनारे तक पहुँच गए।

स्रोत

al-Hujwiri, Kashf al-Mahjub, section on Malik ibn Dinar
al-Hujwiri, Kashf al-Mahjub, same passage
al-Hujwiri, Kashf al-Mahjub, same passage
al-Hujwiri, Kashf al-Mahjub, same passage
al-Hujwiri, Kashf al-Mahjub, displayed report form
Attar, Tadhkirat al-Awliya, section on Malik ibn Dinar
al-Hujwiri, Kashf al-Mahjub, Dhu al-Nun and an unnamed youth
CAND-0238 Task 1 evidence synthesis